BYTHE FIRE TEAM


मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पर मोदी सरकार ने बड़ा आरोप लगाया है। जिसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है।

नई दिल्ली। अंबानी परिवार को मोदी सरकार के मिल रहे साथ के आरोपों के बीच मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पर गैस चोरी का गंभीर आरोप लगा है। इसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहयोगी यूके की बीपी पीएलसी और कनाडा की निको रिसोर्सेज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

इन कंपनियों पर बगैर अधिकार के 1.72 9 अरब डॉलर से अधिक की गैस निकालने का आरोप सरकार की ओर से लगाया गया है। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।

रिलायंस पर ओएनजीसी का गैस चुराने का आरोप

बता दें कि 4 नवंबर 2016 को तेल मंत्रालय ने रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत तीनों कंपनियों पर $ 1.47 बिलियन (करीब 9,300 करोड़ रुपए) का दावा किया था। देश की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी ओएनजीसी ने 2013 में रिलायंस इंडस्ट्रीज पर आरोप लगाया था कि उसने ओएनजीसी के गैस फील्ड के पास अपना गैस प्लांट लगाकर उसके गैस फील्ड से गैस चुराई है।

ओएनजीसी के जिस ब्लॉक से चोरी का आरोप लगा वो आरआईएल के केजी-डी6 तेल ब्लॉक के करीब ही स्थित था, यह दोनों बंगाल की खाड़ी में स्थित हैं। यह आंकड़ा करीब 338.332 मिलियन ब्रिटिश थर्मल गैस यूनिट के बराबर बताया गया था।

अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने खारिज की थी सरकार की मांग

आरोपों पर रिलायंस का कहना था कि उन्होंने गैस ब्लॉक का काम पेट्रोलियम एंड गैस मिनिस्ट्री से अनुमति लेकर किया है। इसी मामले में ओएनजीसी ने रिलायंस से 1.50 अरब डॉलर की मांग की थी। जिसके बाद मामला अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत पहुंच गया। कोर्ट ने भारत सरकार के 1.55 अरब डालर के भुगतान दावे को खारिज करते हुए रिलायंस के पक्ष में फैसला सुनाया था।

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