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BY-THE FIRE TEAM


दुनिया में तेजी से बढ़ती विज्ञानं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चीन का नाम एक अलग ही पहचान रखता है. अभी कुछ दिन पूर्व चीन ने विशाल समुद्र पर पुल बनाकर इतिहास रच दिया.

और अब आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस के अंतर्गत कृत्रिम समाचार एंकर का निर्माण करके अपनी योग्यता का लोहा मनवाया है. चीन में सरकारी नियंत्रण वाले टीवी चैनलों पर ‘आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस’ से लैस दो कृत्रिम एंकरों ने समाचार पढ़े.

चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने इस सप्ताह यह शुरुआत की है. एजेंसी ने इसे ‘विश्व में इस तरह का पहला’ प्रयोग बताया है.

सरकार द्वारा आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर जोर दिये जाने के बीच शिन्हुआ ने यह पहल की है. उसने ट्वीट करते हुए लिखा है-

शिन्हुआ ने बताया कि चीनी भाषा एवं अंग्रेजी के लिए ‘एआई सिंथेटिक एंकरों’ का विकास बीजिंग की सोगोउ इंक के साथ मिलकर किया गया है.

समाचार एजेंसी ने कहा है कि ये एंकर इंसानों से कई मामलों में बेहतर हैं. ये लगातार 24 घंटे तक काम करने में सक्षम हैं. इसके अलावा वे ताजा खबरों को भी तत्काल प्रसारित कर सकते हैं.

कृत्रिम बुद्धि किसे कहते हैं ?

कृत्रिम बुद्धि (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस या एआई) मानव और अन्य जन्तुओं द्वारा प्रदर्शित प्राकृतिक बुद्धि के विपरीत मशीनों द्वारा प्रदर्शित बुद्धि है.

कंप्यूटर विज्ञान में कृत्रिम बुद्धि के शोध को “होशियार एजेंट” का अध्ययन माना जाता है. होशियार एजेंट कोई भी ऐसा सयंत्र है जो अपने पर्यावरण को देखकर, अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश करता है.

कृत्रिम बुद्धि, कंप्यूटर विज्ञान का एक शाखा है जो मशीनों और सॉफ्टवेयर को खुफिया के साथ विकसित करता है। 1955 में जॉन मकार्ति ने इसको कृत्रिम बुद्धि का नाम दिया.

कृत्रिम बुद्धि अनुसंधान के लक्ष्यों में तर्क, ज्ञान की योजना बना, सीखने, धारणा और वस्तुओं में हेरफेर करने की क्षमता, आदि शामिल हैं. वर्तमान में, इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सांख्यिकीय विधियों, कम्प्यूटेशनल बुद्धि और पारंपरिक खुफिया शामिल हैं.

 

 

 

 

 

 

 

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