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BY-THE FIRE TEAM


पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री जो पिछले कुछ दिनों से भारत के साथ बातचीत की वकालत कर रहे थे, उन्‍होंने भारत की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को एक इंटरव्‍यू में मुसलमान और पाकिस्‍तान विरोधी करार दिया है।

इमरान ने अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्‍ट को खास इंटरव्‍यू में कई अहम बातें कही हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत चुनावी माहौल में शायद बातचीत नहीं करना चाहता है।

इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि चुनावों के बाद फिर से बातचीत की कोशिशों को आगे बढ़ाया जाएगा। इमरान खान ने वॉशिंगटन पोस्‍ट की लैली वेमाउथ को दिए खास इंटरव्‍यू में कहा,

‘भारत की सत्‍ताधारी पार्टी की सोच मुसलमान विरोधी और पाकिस्‍तान विरोधी है।’ इमरान ने कहा कि भारत ने उनकी शांति वार्ता की सलाह को भी सिरे से खारिज कर दिया।

इसकी वजह इमरान ने अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों को बताया। इमरान ने कहा कि उम्‍मीद करते हैं कि जब चुनाव खत्‍म हो जाएंगे, पाकिस्‍तान फिर से भारत के साथ बातचीत बहाल कर सकता है।

मुंबई हमलों पर बोले इमरान

इमरान ने 26 नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों पर भी बात की। इमरान ने कहा कि वह भी चाहते हैं कि उन लोगों को सजा मिले जिन्‍होंने मुंबई पर बम गिराए थे।

इमरान की मानें तो उन्‍होंने सरकार से केस की स्थिति के बारे में जवाब भी मांगा है। इमरान मानते हैं कि इस केस का हल होना पाकिस्‍तान के हित में हैं क्‍योंकि यह एक आतंकी वारदात थी।

इमरान ने कहा कि जैसे ही उन्‍होंने पाकिस्‍तान की सत्‍ता संभाली थी तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता को तैयार थे।

कहा भारत से वार्ता को तैयार

इमरान ने कहा कि वार्ता के लिए पाकिस्‍तान की ओर से सितंबर माह के दौरान न्‍यूयॉर्क में वर्ष विदेश मंत्री स्‍तर की वार्ता का प्रस्‍ताव दिया गया था। भारत ने पहले इसे स्‍वीकारा लेकिन 24 घंटे के अंदर वार्ता से इनकार कर दिया।

इमरान ने भारत के फैसले को घमंड से भरा करार दिया था। हाल ही में इमरान की सरकार के 100 दिन पूरे हुए हैं और इस मौके पर उन्‍होंने एक बार फिर भारत और पीएम मोदी के साथ बातचीत की ख्‍वाहिश जाहिर की है।

(स्रोत-वनइंडिया)

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