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BY-THE FIRE TEAM

संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार के अपने प्रस्ताव पर भारत के समर्थन की सराहना की और उम्मीद जताई कि महासभा के मौजूदा सत्र के दौरान प्रगति जारी रहेगी ताकि विश्व संस्था में मौजूदा वैश्विक वास्तविकताएं झलकें.

आपको बताते चलें कि ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ भारत सुरक्षा परिषद में निरन्तर सुधार का आह्वान करता रहा है.

ये चारों देश सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे की दावेदारी का समर्थन करते हैं तथा विभिन्न विकसित देश-ब्रिटैन, फ्रांस, चीन, अमेरिका ,रूस आदि जो संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता लिए हुए हैं, उसका विरोध करते हैं साथ ही इनकी संख्या का विस्तार करना चाहते हैं.

सोमवार से शुरू हो रही अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा से पहले गुतारेस ने पीटीआई को बताया- हम आज अभूतपूर्व चुनौती का सामना कर रहे हैं। लिहाजा, हमें इस उद्देश्य के लिए संगठन को अनुकूल और फिट बनाने की जरूरत है.

इसलिए मैं तीन प्रमुख क्षेत्रों- शांति एवं सुरक्षा ढांचा, संयुक्त राष्ट्र विकास प्रणाली और प्रबंधन में सुधार चाहता हूं. सुधार के मेरे प्रस्तावों के समर्थन के लिए मैं भारत की तारीफ करता हूं. 

गुतारेस ऐसे समय में भारत की यात्रा पर जा रहे हैं जब वहां दो अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिए कार्यक्रमों की शुरुआत होने वाली है.

अपनी भारत यात्रा के पहले दिन महासचिव नई दिल्ली में नए संयुक्त राष्ट्र भवन (यूएन हाउस) का उद्घाटन करेंगे.

साथ ही गुतारेस महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता सम्मेलन के समापन सत्र में भी हिस्सा लेंगे. वह इंडिया हैबिटेट सेंटर में ‘वैश्विक चुनौतियां, वैश्विक समाधान’ विषय पर आयोजित एक व्याख्यान को संबोधित करने से पहले लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन से मिलेंगे.

इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की महासभा में हिस्सा लेंगे, दरअसल वैश्विक पर्यावरण चुनौतियों को देखते हुए यह एक गंभीर विषय बन चूका है. ऐसे में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव का भारत दौरा कई दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है.

वह तीन अक्टूबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलेंगे और अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर भी जाएंगे.

गुटेरेस से जुड़े कुछ तथ्य:

एंटोनियो गुटेरेस पुर्तगाली राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ हैं. वर्ष 1971 में इन्होनें लिस्बन विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि प्राप्त की इसके बाद इन्होंने असिस्टेन्ट प्रोफेसर के रूप में शिक्षण कार्य प्रारम्भ किया.

यह 1995 से 2000 तक पुर्तगाल के प्रधानमंत्री रहे. गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी संगठन में भी दस साल तक कार्य किया है.

सुरक्षा परिषद के मतदान में उन्हें स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ जिसके बाद उनका नाम अगले महासचिव के रूप में घोषित किया गया.  गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र में नवें महासचिव हैं.

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