photo: Ravish Kumar facebook page

 

BY– RAVISH KUMAR

@PrakashJavdekar ने 2 सितंबर को न तो ट्वीट किया और न ही री-ट्वीट किया। मैं 1 सितंबर से लेकर आज तक मानव संसाधन मंत्री के ट्वीट और री-ट्वीट का अध्ययन कर रहा था। इस अध्ययन से पता चलता है कि मानव संसाधन मंत्री प्रधानमंत्री के दोनों ट्विटर हैंडर से किए ट्वीट को री-ट्विट करने में काफी तत्पर रहते हैं।

@narendramodi और @PMOIndia के किसी ट्वीट को शायद ही री-ट्वीट करना भूलते होंगे। इसके अलावा @BJP4India के ट्वीट को भी खूब री-ट्वीट करते हैं। गिनती गिनने में ग़लती हो सकती है, ध्यान दिलाने पर मैं संशोधन के लिए तैयार हूं। आने वाले दिनों में ऐसा अध्ययन दूसरे मंत्रियों का भी करूंगा।

1 सितंबर को प्रकाश जी अपने हैंडल से 7 ट्वीट करते हैं जो इंडिया पोस्ट लांच की सूचना से संबंधित हैं। यह उनका मंत्रालय नहीं है मगर अपनी सरकार के किसी भी मंत्रालय के काम का प्रचार करना उनके अधिकार क्षेत्र में आता है।

वैसे इसके लिए अलग से एक विभाग भी है जिसके ज़रिए सरकारी विज्ञापन अख़बारों में छपते हैं। दूरदर्शन नेशनल की एक ख़बर को री- ट्वीट किया है जिसका संबंध इंडिया पोस्ट पेमेंट से है। इस दिन मंत्री जी ने अमित शाह, अरुण जेटली के ट्वीट को री-ट्वीट किया है।

3 सितंबर का दिन मंत्री जी के लिए काफी हल्का रहा। दो ही ट्वीट करना पड़ा। एक आयुष्मान भारत पर और एक कृष्ण जन्माष्टमी पर। लेकिन अचानक 4 सितंबर को सक्रिय हो जाते हैं। @narendramodi के 25 ट्वीट को री-ट्वीट कर डालते हैं। शिक्षक दिवस पर पुरस्कृत शिक्षकों से प्रधानमंत्री की मुलाकात पर दो ट्वीट करते हैं। ये उनके अपने ट्वीट हैं। एक दिन में 27 ट्वीट।

फिर 5 सितंबर को और भी मेहनत करते हैं। 6 ट्वीट ख़ुद का करते हैं। मानव संसाधन मंत्रालय के 2 ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। उप राष्ट्रपति के 5 ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। इसदिन प्रधानमंत्री के हैंडल @narendramodi से किए गए सिर्फ एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों को एक पत्र लिखा है। जिसे ट्वीट किया था। 5 सितंबर 14 ट्वीट और री ट्वीट में कट गया।

6 सितंबर को ट्वीट करते हैं कि 7 आई आई एम बनाने के लिए 2804 करोड़ का बजट पास हुआ है। फिर प्रधानमंत्री की किताब एग्ज़ाम वरियर के तमिल अनुवाद के लांच की सूचना ट्वीट करते हैं। एशियाड के चैंपियन खिलाड़ियों से मुलाकात की तस्वीरें @narendramodi ट्वीट होती हैं, मानव संसाधन मंत्री री ट्वीट करते हैं।

नितिन गडकरी के एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। @MyGovIndia के हैंडल से किए गए एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। मणिपुर के मुख्यमंत्री का ट्वीट है कि अनानास उत्सव लगा है, उसे री-ट्वीट करते हैं। ऑल इंडिया रेडियो से प्रधानमंत्री से संबंधित ख़बर को री-ट्वीट करते हैं।

7 सितंबर को गतिशीलता के भविष्य पर @narendramodi से किए गए 5 ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। एक ट्वीट @MyGovIndia का है कैबिनट के फैसले पर, उसे री-ट्वीट करते हैं।

8 सितंबर को उनके ट्वीटर हैंडल पर खास सक्रियता नहीं है। इक्का दुक्का ट्वीट और री-ट्वीट हैं। 9 सितंबर को @BJP4India के 6 ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। 10 सितंबर को भी 3-4 ट्वीट और री-ट्वीट है। मगर 11 सितंबर को काफी काम करते हैं। @BJP4India एक चैन के वीडियो क्लिपिंग को ट्वीट करता है। उसे मानव संसाधन मंत्री री-ट्वीट करते हैं।

इस ट्वीट में रघुरामन राजन के पत्र का एक हिस्सा है कि यूपीए के समय ज़्यादातर एनपीए है। मगर वो हिस्सा री-ट्वीट नहीं करते हैं कि कुछ कंपनियों के ख़िलाफ़ प्रधानमंत्री कार्यालय को एक सूची सौंपी थी। फिर सुरेश प्रभु के एक और तेलंगाना के बीजेपी विधायक के दो ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। फिर से @BJP4India के एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं।

@narendramodi के हैंडल से किए गए एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। उसके बाद ख़ुद के हैंडल से दो ट्वीट करते हैं। फिर @PMOIndia के हैंडल से 11 ट्वीट को दनादन री-ट्वीट करते हैं। 4 ट्वीट अपने हैंडल से ख़ुद करते हैं।

12 सितंबर ट्वीट या री-ट्वीट के हिसाब से कुछ ख़ास नहीं है। 13 सितंबर को @BJP4India के हैंडल से गोयल के प्रेस कांफ्रेंस की सूचना ट्वीट होती है। मंत्री जी सभी 8 ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं।

16 सितंबर का दिन मंत्री जी के लिए काफी मेहनत का रहा होगा। @PMOIndia के 43 और @narendramodi के हैंडल से 3 ट्वीट को री-ट्वीट करते हैं। स्वच्छता पर ख़ुद भी 5 ट्वीट करते हैं। देशभर में 3400 टेस्ट प्रैक्टिस सेंटर के शुभारंभ की सूचना ट्वीट करते हैं। इस दिन 50 से अधिक ट्वीट और री-ट्वीट हो जाता है।

ट्वीटर पर मंत्री जी की सक्रियता शानदार है। यह दावे के साथ नहीं कह सकता है कि मानव संसाधन मंत्री प्रधानमंत्री के हर ट्वीट को री-ट्वीट कर देते हैं। इसके लिए अन्य मंत्रियों की ट्वीटर पर सक्रियता का बिग-डेटा एनालिसिस करना पड़ेगा।

किसी एक्सपर्ट को पता करना चाहिए कि प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय के हैंडल से किए गए ट्वीट को उनके मंत्री, पार्टी के कार्यकर्ता के अलावा अन्य लोग कितना री-ट्वीट या लाइक्स करते हैं।

बहरहाल, हम मानव संसाधन मंत्री को याद दिलाना चाहेत हैं कि री-ट्वीट संसाधन मंत्री नहीं हैं। काश वे एक साल के भीतर दिल्ली विश्वविद्यालय में 9000 तदर्थ शिक्षकों को परमानेंट करने का वादा पूरा कर पाते और उस बारे में भी रोज़ ट्वीट करते।

कोर्ट केस हो या जो भी कारण हों, उसका स्टेटस भी तो ट्वीट कर सकते हैं। बाकी देश में ख़ाली पदों और ख़ाली क्लास रूम के बारे में भी तो ट्वीट कर सकते हैं।

क्या सिर्फ मिलन-मुलाकात, घोषणा, उद्घाटन ही ट्वीट या री-ट्वीट करना मंत्री का काम है। मेरे अध्ययन काल के दौरान मंत्रालय से संबंधित इतनी कम सूचनाएं हैं कि लगता नहीं कि उनके पास अपना काम बताने के लिए बहुत कुछ है। वे पार्टी और प्रधानमंत्री के ट्वीट को ही री-ट्वीट करने में लगे हैं।

1 सितंबर से 16 सितंबर के बीच मंत्री जी के ट्वीटर की गतिविधियों का कोई ख़ास असर नहीं दिखता है। सूचना की इतनी अधिक बहुलता है कि कई बार लगता है कि प्रधानमंत्री का हैंडल चमकते ही बिना पढ़े कोई री-ट्वीट किए जा रहा है।

मंत्री के हैंडल पर लोगों ने कई समस्याओं को लेकर ट्वीट किया है। उम्मीद है उन पर कार्रवाई होती होगी। मुझ तक जितनी बातें पहुंच रही हैं, उस हिसाब से नहीं होती है। फिर भी मंत्री को यह बताने के लिए लिख रहा हूं कि आपके हैंडल पर आपके मंत्रालय की शिकायतें देखकर किसी अधिकारी को डर नहीं लगता है।

लगता तो काम हो जाता। वैसे मेरे इस लेख के बारे में मानव संसाधन मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी क्या कहते हैं, जानना चाहूंगा। उनके आपस की गॉशिप मज़ेदार होगी।

यह लेख मूलतः रवीश कुमार के फेसबुक पेज  पर प्रकाशित हुआ है।

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