BYTHE FIRE TEAM


अब हिम केयर में मिलेंगे सारे लाभ।


शिमला: हिमाचल की जनता को बीमारियों के इलाज के लिए अब तनाव लेने की जरूरत नहीं है. विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के जाल में उलझने की बजाय अब एक ही योजना का नाम याद रखना होगा.

जयराम सरकार ने इस दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है.
प्रदेश में निशुल्क स्वास्थ्य योजनाओं को अब एक ही योजना में शामिल कर दिया गया है. इसका नाम हिम केयर होगा.

स्वास्थ्य बीमा से जुड़ी सारी योजनाएं अब केवल एक ही योजना हिम केयर के रूप में होंगी. प्रदेश में चल रही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य देखभाल योजना, वीरभद्र सिंह सरकार के समय की यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटेक्शन योजना भी हिम केयर में मर्ज की गई हैं. यही नहीं जो लोग उक्त योजनाओं में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें खुद-ब-खुद नई योजना में बदल दिया जाएगा.

हिमाचल में इस समय सात लाख से अधिक परिवार उक्त स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं. नई योजना हिम केयर में भी समूचे परिवार को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के समान पांच लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुविधा हासिल होगी.

हिम केयर योजना में 1000 रुपये के सालाना प्रीमियम पर ऐसा कोई भी परिवार ये लाभ ले सकता है, जो सरकारी कर्मचारी न हो और जिसे मेडिकल रिइंबर्समेंट का लाभ न मिलता हो.

योजना में राज्य के वे सभी परिवार शामिल होंगे, जो आयुष्मान भारत योजना के तहत शामिल नहीं हैं. जयराम सरकार के इस फैसले का हिमाचल की आम जनता को काफी लाभ होगा.

इस योजना में हिमाचल की करीब-करीब अस्सी फीसदी जनता निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा ले सकेगी. मंगलवार की कैबिनेट मीटिंग में इस मसले पर व्यापक चर्चा के बाद फैसला लिया गया.

मौजूदा समय में देखा जाए तो हिमाचल प्रदेश में पूर्व की राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और वर्तमान में आयुष्मान भारत योजना के तहत 4.50 लाख परिवार पंजीकृत हैं.

इसी तरह मुख्यमंत्री स्वास्थ्य देखभाल योजना में एक लाख से अधिक परिवार पंजीकृत किए गए हैं. वीरभद्र सिंह सरकार के समय शुरू हुई यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटेक्शन स्कीम में डेढ़ लाख के करीब परिवार पंजीकृत हैं. इस तरह सात लाख परिवारों को हिम केयर योजना में लाभ मिल पाएगा.

जयराम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार के अनुसार हिम केयर योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा. प्रदेश की अधिक से अधिक जनता तक इस योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जाएगा. ग्रामीण इलाकों तक ये जानकारी पंचायतों के जरिए दी जाएगी.

जनता की सुविधा के लिए लोक मित्र केंद्रों को भी स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाने के लिए जोड़ा जाएगा. उल्लेखनीय है कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय बुजुर्गों, एकल नारिया, मिड डे मील, आंगनवाड़ी वर्कर्स व मनरेगा कामगागों के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य देखभाल योजना शुरू की गई थी.

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