BYTHE FIRE TEAM


कृषि मंत्री मार्कंडेय से बैठक के बाद भारत सरकार ने जारी की अधिसूचना।

हिमाचल प्रदेश के कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी व जनजातीय विकास मंत्री डाक्टर राम लाल मार्कंडेय ने जिस तरह से हिमाचल व लाहौल-स्पीति के किसानों की हक की लड़ाई लड़ी है वह सकारात्मक भी सिद्ध हुई है।

लाहौल-स्पीति के आलू पर भारत सरकार द्वारा लगाई गई रोक को हटा दिया गया है। सोमवार को हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री डाक्टर राम लाल मार्कंडेय ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय के उच्चाधिकारियों से बैठक कर लाहौल-स्पीति के आलू के सैंपलों की सकारात्मक रिपोर्ट सौंपने के साथ-साथ उन्हें लाहौल-स्पीति के आलू की उच्च क्वालिटी के बारे में भी अवगत करवाया।

जिसके तुरंत बाद भारत सरकार ने अधिसूचना जारी कर लाहौल-स्पीति के आलू के ऊपर से रोक हटा दी है। लाहौल-स्पीति का आलू अब देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी भेजा जाएगा।

भारत सरकार के समक्ष जिस तरह से प्रदेश के वरिष्ठ व ऊर्जावान मंत्री डाक्टर मार्कंडेय ने अपना पक्ष रखा है उससे लाहौल-स्पीति के लोग व किसान काफी खुश है।

लाहौल-स्पीति के लोगों को अब पूरी तरह से विश्वास हो चुका है कि डाक्टर मार्कंडेय उनके हक की लड़ाई को अच्छी तरह से लड़ रहे है।

बता दें कि अब लाहौल-स्पीति के आलू की जहां देश भर में डिमांड बढ़ेगी। वहीं, दूसरी ओर लाहुल-स्पीति के किसानों को उनके आलू के अच्छे दाम भी मिलेंगे। बताते चलें लाहौल-स्पीति में किसानों द्वारा अधिकतर आलू की खेती को बड़े पैमाने पर किया जाता है।

वहीं, अब हिमाचल व केंद्र दोनों सरकारों के आपसी तालमेल से यहां के किसानों को आलू के अच्छे दाम भी मिलेंगे। गौर रहे कि 18 अक्तूबर को केंद्र सरकार ने “निमेटोड नामक वायरस”,होने के चलते कुछ राज्यों के आलू के बीज पर रोक लगा दी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने हिमाचल के लाहौल-स्पीति के आलू का सैंपल ही नहीं लिया था। उसके बाबजूद भी लाहौल-स्पीति के आलू पर भी रोक लग गई थी।

उसके बाद प्रदेश के कृषि मंत्री डाक्टर राम लाल मार्कंडेय के दखल के बाद लाहौल के आलू की जांच रिपोर्ट केंद्र सरकार को देकर व सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर लाहौल-स्पीति के आलू पर लगी रोक को हटाया गया है। जिससे कि लाहुल-स्पीति के किसानों ने नई उम्मीद जगी है

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