BYसुशील भीमटा


लाखों श्रमिकों को आधार से लिंक करेगी राज्य सरकार, वेतन और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करेंगे उद्योग।


शिमला : राज्य के उद्योगों में काम कर रहे श्रमिकों और कर्मचारियों का वेतन के मामले में अब शोषण नहीं हो सकेगा। न्यूनतम वेतन के नाम पर भी श्रमिकों के साथ धोखा भी नहीं होगा।

राज्य सरकार उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को अब आधार से लिंक करेगी। इनका वेतन भी सीधे बैंक खातों में जमा होगा। सारे श्रमिक आधार से जुड़ेंगे। इससे न केवल उनकी संख्या का सही आंकड़ा सामने आएगा, बल्कि उनके साथ न्यूनतम वेतन को लेकर भी धोखाधड़ी नहीं हो सकेगी। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि श्रम व रोजगार विभाग को सभी कर्मचारियों व श्रमिकों को आधार से जोडऩे के लिए कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि हिमाचल सरकार ने राज्य में स्थापित सभी उद्योगों के लिए यह शर्त रखी है कि वो 80 फीसदी रोजगार हिमाचल के युवाओं को देना सुनिश्चित करेंगे।

पहले यह प्रतिशत 70 था, लेकिन शिकायतें आती थीं कि यह भी हिमाचलियों को नहीं मिल रहा है। जयराम सरकार ने इसे 80 फीसदी किया। बाद से उद्योग विभाग ने यह कवायद शुरू की थी कि सभी इंडस्ट्रियल यूनिट्स में कैसे 80 फीसदी रोजगार हिमाचल के युवाओं को सुुनिश्चित किया जाए।

उद्योग मंत्री ने बताया कि श्रम एवं रोजगार विभाग ने विभिन्न उद्योगों में काम कर रहे सभी कर्मचारियों को आधार से जोडऩे की मुहिम शुरू की है। उद्योगों को भी इसमें शामिल किया गया है।

वेतन बैंक में जमा करने के निर्देश हैं। बैंक से लिंक होने के कारण सभी कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन और बोनस का पता चल सकेगा। इससे न्यूनतम वेतन से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित होगा। साथ ही उद्योग विभाग के पास सभी कर्मचारियों का डाटा भी उपलब्ध होगा।

हर दो माह बाद होगी इसकी समीक्षा:
उद्योग मंत्री ने बताया कि प्रदेश में काम कर रही विभिन्न कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ जो एमओयू किया है। उसमें 80 फीसदी रोजगार स्थानीय लोगों को देने की शर्त शामिल है। इस कवायद से रोजगार और वेतन संबंधी सारी स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी।

उन्होंने कहा कि आधार के साथ लिंकेज की समीक्षा बैठक हर दो महीने बाद तय की गई है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने नए कामगारों को प्रतिमाह 1000 रुपये कौशल विकास भत्ता देने की घोषणा भी की है।

इन्वेस्टर मीट केवल उद्योग विभाग की नहीं:
उद्योग मंत्री ने कहा कि धर्मशाला में प्रस्तावित इन्वेस्टर मीट की तिथि अभी तय नहीं है। चूंकि यह एक मैगा इवेंट है, ऐसे में समय आगे-पीछे हो सकता है। मंत्री ने कहा कि इस मीट के साथ उद्योग विभाग के अलावा अन्य विभाग भी जुड़े हैं।

यह केवल उद्योग विभाग का आयोजन नहीं है। इस मीट को सफल बनाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर काम चल रहा है। इसके जरिए उद्योगपतियों को हिमाचल में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा

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