BYTHE FIRE TEAM


रिकांगपिओ अस्पताल में दिन रात अपनी सेवाएं दे रही डॉक्टर शीतल नेगी।

जनजातीय जिला किन्नौर में एक मात्र क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में जहाँ बड़े बड़े डॉक्टर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखकर आने से कतराते है। वहीं एक छोटी सी उम्र की नवयुवती डॉक्टर जिनका नाम डॉक्टर शीतल है जो मूलतः किन्नौर के पांगी गाँव से संबंध रखती है वो अपने जिला के लोगो को अपनी सेवाएं देने के लिए चौबीस घण्टे निःस्वार्थ भावना से काम कर रही है।

जिला किन्नौर के क्षेत्रीय अस्पताल में जहां डाक्टरो की पिछले एक साल से भारी कमी चली है। वहीँ इस अस्पताल में शीतल नेगी अपनी स्वेच्छा से अपना पूरा समय सैंकड़ों मरीज़ों को जांच करने में व रात को आपातकालीन समय मे भी अपनी नींद को भूल कर रात भर मरीज़ो के इलाज में लगा देती है।

ऐसे में कई बार डॉक्टर शीतल को कई बार अलग अलग मानसिकता के मरीज व उनके अभिभावकों से भी सामना करना पड़ता है, लेकिन शीतल अपनी सात्विक छवि से उन सभी मरीजो व उनके अभिभावकों को परिवार की तरह व्यवहार करती है।

उनके पिता देव कुमार नेगी का कहना है कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है कि वह अपने संस्कारों के साथ साथ अपने जिला के लोगो की सेवा कर रही है, जो कि हमारी इच्छा रही है क्यों कि जिला किन्नौर में भौगोलिक परिस्थितियों को देखकर मरीज़ो को दूरदराज अपने इलाज के लिए जाना पड़ता है।

इसलिए हमारी बेटी को जिला किन्नौर के लोगो की सेवा के लिए किन्नौर भेज दिया। बता दे कि डॉ शीतल के पिता देव कुमार नेगी जो कि रामपुर में सरकारी अस्पताल में कर्मचारी है और माता गृहणी है।

बचपन से ही शीतल नेगी पढ़ाई में रुचि रखती थी शीतल नेगी की स्कूल की शिक्षा रामपुर में हुई और इसके बाद डॉक्टरी की पढ़ाई आईजीएमसी शिमला से पूरी की।

शीतल नेगी की डॉक्टर बनकर अपने माता पिता की इच्छा पूरी की । शीतल नेगी की जिला किन्नौर के लोगो को सेवा देना उनकी प्राथमिकता रही है डॉ शीतल को अपने माता पिता से मिलने का समय भी नही मिलता ऐसे में ऐसे कर्मठ ईमानदार डॉक्टर शीतल पर आज समस्त किन्नौर वासियो को गर्व है।

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