BYTHE FIRE TEAM


केस की सुनवाई कर रहे जज सुनील शुक्रे और जज एसएम मोदक ने अब इस मामले में सुनवाई से इनकार कर दिया है। दोनों जजों के इस फैसले के बाद अब हाईकोर्ट की दूसरी बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।

इस मामले में पैरवी कर रहे वकील सतीश ऊके ने कहा कि जज बीएच लोया की मौत रेडियोएक्टिव आइसोटोप ज़हर से हुई है। हमारे पास उस बात के पुख्ता सबूत हैं जो महाराष्ट्र सरकार ने सर्वोच्च अदालत के सामने पेश नहीं किए।

राज्य के कुछ अधिकारियों ने उन सबूतों को मिटाने की कोशिश की। इसके अलावा सतीश ने मांग की कि नागपुर से जिस गेस्ट हाउस में जज लोया ठहरे थे, वहां की एंट्री और एग्जिट की भी जानकारी होनी चाहिए।

वकील सतीश ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ में याचिका दायर कर जज लोया की ‘संदिग्ध एवं असामयिक’ मौत की पुलिस जांच की मांग की था।

जज लोया गुजरात और राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे। लोया की 2014 में नागपुर में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।

सतीश ने सोमवार को याचिका दायर करके लोया की मौत की जांच के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को और नागपुर के अतिथि गृह के दस्तावेजों को संरक्षित करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया। याचिका को उच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए अभी रखा नहीं गया है।

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