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BY-THE FIRE TEAM

इस नाबालिग बच्ची के साथ उसके दादा के द्वारा बलात्कार किया जाना न केवल मानवीय संबंधों को शर्मशार किया है बल्कि सभ्य मानव होने पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया है.

एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत गंभीर है और उसका ऑपरेशन करना पड़ेगा. बच्ची का परिवार कुछ समय पहले ही पश्चिम बंगाल से दिल्ली आया था.

बच्ची को यहां स्कूल में दाखिला लेना था. बच्ची अभी दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है. पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना बीते शनिवार की है.आपको बता दें कि अभियुक्त बच्ची के माता-पिता से मिलने आया हुआ था.

घटना के समय बच्ची घर पर अकेली थी, उसके माता-पिता काम के लिए बाहर गए हुए थे. बच्ची के पिता मेट्रो कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हैं जबकि उसकी मां घरों में काम करती है.

उसका 7 साल का छोटा भाई बाहर खेलने गया था. बच्ची को अकेला पाकर अभियुक्त ने उसके साथ बलात्कार किया. बच्ची बहुत रोई मगर उसने उसको अनसुना कर दिया.

उसने बच्ची को इस बारे में किसी को बताने पर उसको और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी. बच्ची के माता-पिता के आने पर अभियुक्त काम के बहाने से घर से बाहर चला गया.

शाम को बच्ची ने घर का सामान लाने से मना कर दिया. बच्ची का पसंदीदा खाना बनाने पर भी उसने खाना नहीं खाया. बच्ची रात भर बाथरूम गयी और ठीक से नहीं सोई. उसने खून छिपाने के लिए अपनी मां के सैनिटरी पैड इस्तेमाल किया.

सुबह को बच्ची बाथरूम में बेहोश हो गयी. जब उसकी मां ने देखा तो बच्ची खून से लथपथ थी और बाथरूम में सब जगह खून फैला हुआ था. उसकी मां ने मदद के लिए शोर मचाया तब पड़ोसियों ने पीसीआर पर फ़ोन करके  पुलिस को बुलाया, जिससे बच्ची को अस्पताल लेकर गए.

लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में बच्ची की मां को बताया गया कि उनकी बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है और रात भर खून बहने की वजह से उसका हीमोग्लोबिन कम हो गया है.

कुछ उपचार के बाद बच्ची होश में आई और तब उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में अपनी मां और दिल्ली महिला आयोग की काउंसलर को बताया. दिल्ली महिला आयोग की सदस्या वंदना सिंह और प्रोमिला गुप्ता बलात्कार पीड़िता बच्ची से अस्पताल में मिलीं और उसको आर्थिक मदद दी.

डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसको एम्स स्थानांतरित करने की सलाह दी. बच्ची को एम्बुलेंस से एम्स ले जाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है.

आयोग की सदस्यों ने बच्ची को दिल्ली के स्कूल में भर्ती कराने में पूरी मदद करने का भरोसा दिया है. उसको मुआवजा दिलाने के लिए 2-3 दिन में कार्यवाही की जाएगी. दिल्ली महिला आयोग बच्ची का पुनर्वास करवाएगा.

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