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BY-THE FIRE TEAM


मथुरा। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2016-17 में हुई जूनियर और प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती से जुड़े घोटाले में तत्कालीन बीएसए समेत 6 लोगों पर मुकदमा हुआ है।

पुलिस ने इन सभी लोगों के खिलाफ बेसिक शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर यह कार्रवाई की है। आपको बता दें कि फर्जी​ शिक्षकों के इस घोटाले में एसटीएफ और एसआईटी जैसी बड़ी जांच एजेंसियां भी पड़ताल में जुटी हुई हैं।

वर्ष 2016-17 के दौरान शिक्षकों की 27 हजार पदों की भर्तियों में अकेले मथुरा में 257 पदों पर भर्ती कराई गई थी। इसी भर्ती में 150 शिक्षकों की फर्जी तरीके से भर्ती होने की बात सामने आई है।

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अब बीएसए मथुरा चन्द्रशेखर ने मामले में तत्कालीन बीएसए संजीव कुमार की फर्जी शिक्षक भर्ती मामले के भूमिका को संदिग्घ मानते हुए संजीव कुमार सहित 6 अन्य के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।

बीएसए मथुरा चन्द्रशेखर की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन बीएसए संजीव कुमार, तत्कालीन खण्ड शिक्षा अधिकारी छाता/नंदगांव विनोद चैधरी, तत्कालीन खण्ड शिक्षाधिकारी मांट, नौहझील उमेश कुमार गौतम, तत्कालीन खण्ड शिक्षा अधिकारी मथुरा,

गोवर्धन और फरह राकेश कुमार,तत्कालीन खण्ड शिक्षाधिकारी राया, बलदेव गिरिराज सिंह और बीएसए कार्यालय में डिस्पैच का काम देख रही पटल सहायक-

सुश्री लता पाण्डेय के खिलाफ आईपीसी की धारा 420,467,468,471,166 और 167 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी मथुरा, बबलू कुमार ने बताया कि बीएसए मथुरा द्वारा शहर कोतवाली में छह लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई थी,

जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि फर्जी शिक्षक भर्ती से जुड़े इस मामले में पूर्व से ही एसटीएफ और एसआईटी द्वारा विवेचना चल रही हैं।

 

 

 

 

 

 

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