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BY-THE FIRE TEAM


प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में एक महिला के उत्पीड़न का मामला सामने आया है. इस महिला ने दिल्ली महिला आयोग की मदद से गोरखपुर के एक स्वयंभू बाबा अमित बाबा मज़ार वाला के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया है.

आरोपी बाबा गोरखपुर के परमेश्वरपुर, भण्डारो में एक मज़ार के पास आश्रम चलाता है. महिला का आरोप है कि बाबा ने दो साल तक उसे आश्रम में कैद रखा.

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह मज़ार के एक सेवक की मदद से किसी तरह भागने में सफल हुई और दिल्ली पहुंची.

पीड़िता ने दिल्ली महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि लगभग दो साल पहले वह काम के सिलसिले में परिवार के साथ गोरखपुर गई थी, वहां उसे एक फैक्ट्री में काम मिल गया.

फैक्ट्री में काम करते हुए उसे एक महिला मिली जिसने पीड़िता को इलाज़ करवाने के नाम पर ‘बाबा अमित मज़ार वाला’से मिलवाया.

साथी महिला पर विश्वास करके वह बाबा से मिली जिसने उसको बीमारी से छुटकारा दिलाने का भरोसा दिया.महिला का आरोप है कि बाबा ने उसको कुछ दबाई दी जिसको खाने के बाद उसका जी मिचलाने लगा और वह किसी तरह से अपने घर पहुंची.

बाबा ने उसको अपना फ़ोन नंबर दिया और स्वास्थ्य सम्बंधित कोई परेशानी होने पर उससे संपर्क करने को कहा. चूंकि उसका जी मिचला रहा था तो उसने बाबा की मदद लेने का फैसला किया.

बाबा से बात करने पर बाबा ने उसको मज़ार पर आने को कहा. वहां पहुँचने पर बाबा ने उसको क़ैद कर लिया और लगातार 2 साल तक उसका यौन शोषण किया.

बाबा ने पीड़िता को इसके बारे में किसी को बताने पर उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी. बाबा की यातना से बचने के लिए पीड़िता ने चुपके से वहां से भागने की कोशिश की,

मगर वह पकड़ी गयी और पकडे जाने के बाद बाबा और उसके चेलों ने उसको बुरी तरह मारा पीटा. खून से लथपथ और लगभग बेहोशी की हालत में मज़ार के किसी व्यक्ति की मदद से पीड़िता वहां से भागने और दिल्ली पहुँचने में सफल हुई.

पीड़िता दिल्ली महिला आयोग आई जहाँ उसकी काउन्सलिंग की गयी. उसने आयोग को सारी बात बताई और बताया कि बाबा ने उसको 2 साल तक बंधक बना कर रखा हुआ था.

महिला अपने लिए न्याय के लिए लड़ना चाहती थी मगर वह अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए चिंतित थी क्योंकि बाबा ने अपने ऊपर राजनैतिक संरक्षण का हवाला देते हुए कई बार उसकी जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी थी.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल और सदस्या किरण नेगी पीड़िता से मिलीं और उसको मदद का भरोसा दिया.

यह सचमुच बड़ी विडंबना है कि महिला सुरक्षा के सम्बन्ध में कानून होने के बाद भी उनके खिलाफ रेप और अत्याचार के मामले नियंत्रण में नहीं आ पा रहे हैं.

यह समस्या हमें इस ओर इशारा कर रही है की अभी कड़े कानून को बनाकर उसको सख्ती से लागु करने की जरूरत है.

 

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