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BY-THE FIRE TEAM

केरल में अगस्त के महीने में आई बाढ़ पिछले 100 साल की सबसे भयानक बाढ़ रही. इसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई और लाखों लोग बेघर हो गए.

इन्ही बाढ़ पीड़ितों में 34 वर्षीय सन्धिनी गोपाकुमार भी हैं जिनकी जिजीविषा के सामने प्रकृति भी नतमस्तक हो गई है. इनका परिवार भी बाढ़ का शिकार हो गया था.

किन्तु इनके हौंसले को सलाम है जो न केवल खुद खड़ी होने की कोशिश कर रही हैं बल्कि लोगों को भी हिम्मत देकर उनमें एक नई ऊर्जा का संचार कर रही हैं

तबाही के मंज़र को संधिनी भुला नहीं पाती हैं. वह कहती हैं, ”जब मैं घर वापस आ रही थी तो ठहरे हुए पानी में अगर कुछ तैर रहा था तो वो थे पशुओं के शव.”

”ये देखते हुए मेरे दिमाग़ में बस एक ही सवाल आ रहा था कि ये सब कैसे साफ़ होगा? आख़िर इसकी सफ़ाई में कितने दिन लगने वाले हैं. ”

केरल, बाढ़REUTERS

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