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BY-THE FIRE TEAM


नई दिल्ली। सीबीआई के डिप्टी इंस्पेक्टर एमके सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका में दावा किया है कि राकेश अस्थाना के मामले में हो रही जांच में देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हस्तक्षेप किया है।

इस याचिका पर आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी, इसके साथ ही सिन्हा ने आरोप लगाया है कि डोभाल के हस्तक्षेप के बाद अस्थाना के घर पर जांच नहीं की गई।

आपको बता दें कि सीबीआई स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर घुस लेना का आरोप है और यह आरोप डायरेक्टर आलोक वर्मा ने लगाए हैं।

सिन्हा का दावा है कि अस्थाना के खिलाफ जांच में शामिल वे दो शख्स भी थे, जो डोभाल के करीबी है। सिन्हा, सीबीआई के उन अधिकारियों में शामिल थे, जो अस्थाना के खिलाफ जांच कर रहे थे और उनका तबादला कर दिया गया।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर ऐसे आरोप उन्हीं के विभाग द्वारा लगाना यह दिखाता है कि सिस्टम में  कहीं  कोई बड़ी खराबी चल रही है।

सिन्हा का आरोप है कि अस्थाना रिश्वत मामले में शिकायतकर्ता सतीश बाबू ने उन्हें बताया था कि कोयला और खान राज्य मंत्री हरिभाई पार्थिभाई चौधरी को संबंधित मामलों में कथित मदद के लिए कई करोड़ रुपये की रिश्वत का भुगतान किया गया था। चौधरी गुजरात से सासंद है और वे पीएम मोदी के भी करीबी बताए जाते हैं।

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हरिभाई पार्थिभाई चौधरी

याचिका में यह भी कहा गया है कि रॉ के अधिकारी समंत गोयल से जुड़े वार्तालाप पर निगरानी से छेड़छाड़ की गई थी, जहां उन्हें यह कहते हुए सुना गया था कि-

पीएमओ ने सीबीआई केस में दखल देते हुए उसी रात को अस्थाना मामले की जांच करने वाली पूरी सीबीआई टीम हटा दी गई थी।

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