PHOTO_PTI

BY-THE FIRE TEAM


हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से मुक्त हुए ओपी रावत यह बयान कि- नोटबंदी के कारण चुनाव में कालेधन का उपयोग रुका नहीं है, राजीनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

उन्होंने चुनाव में कालेधन के उपयोग पर चिंता जाहिर की और कहा कि पिछले चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में अधिक कालाधन बरामद किया गया।

उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद थी कि नोटबंदी के बाद चुनाव के दौरान धन के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी लेकिन बरामद किए धन के आंकड़े ने इसे गलत साबित कर दिया।

ओपी रावत ने कहा कि उन राज्यों में जहां पहले चुनाव हुए थे, उसके मुकाबले अधिक पैसा जब्त किया गया।

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि राजनीतिक वर्ग और उनके फाइनेंसर्स के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। इस तरीके से खर्च किया जाने वाला पैसा कालाधन ही होता है।

जब उनसे पूछा गया कि नोटबंदी के कारण कालेधन पर असर पड़ा? उन्होंने कहा कि बिल्कुल नहीं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान रिकॉर्ड धन जब्त किया गया।

https://twitter.com/Manjeet_369/status/1069242705119727616

गौरतलब है कि 8 नवंबर, 2016 को पीएम मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था और सरकार ने दावा किया था कि इस फैसले से कालेधन पर लगाम लगाई जा सकेगी।

यदि ओ पी रावत की इस बात पर गौर किया जाये तो यह कहा जा सकता है कि विपक्ष में बैठे नेताओं के द्वारा नोटबंदी को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे थे,

उसमे कुछ तो सच्चाई अवश्य थी। हालाँकि यह बहस का मुद्दा है और अब आने वाला वक़्त ही बताएगा कि इस बयानबाजी का क्या निष्कर्ष निकलेगा ?

 

 

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here