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BY-THE FIRE TEAM


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को ‘नया भारत’ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत व्यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दशक में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था की अगुवाई करेगा।

मोदी 13वें भारत-जापान सालाना शिखर सम्मेलन में भाग लेने शनिवार को यहां पहुंचे। उन्होंने अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान देश के आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत अभी व्यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। विश्व मानवता के प्रति भारत के योगदानों की सराहना कर रहा है। देश को लोक कल्याण की दिशा में किये गये कार्यों और उसकी नीतियों का पुरस्कार मिल रहा है।’’

मोदी ने कहा कि भारत हमेशा भारतीय समाधान-वैश्विक उपादान की भावना के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेश का भारतीय तरीका विशेषकर जन धन योजना-मोबाइल-आधार की तिकड़ी और डिजिटल लेन-देन के प्रारूप को दुनिया भर में अब सराहा जा रहा है।

उन्होंने देश में दूरसंचार और इंटरनेट के बढ़ते नेटवर्क की सराहना की।

मोदी ने कहा, ‘‘भारत आज के समय में डिजिटल संरचना के क्षेत्र में शानदार प्रगति कर रहा है। ब्राडबैंड अब गांवों में पहुंच रहा है और देश में 100 करोड़ से अधिक सक्रिय मोबाइल उपभोक्ता हैं।

एक जीबी डेटा शीतलपेय की छोटी बोतल से भी सस्ता है। यह डेटा सेवाओं को लोगों तक पहुंजाने का जरिया बन रहा है।’’ ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम के बारे में मोदी ने कहा कि यह मुहिम वैश्विक ब्रांड बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया भर के लिए गुणवत्तायुक्त उत्पाद बना रहे हैं। भारत वैश्विक केंद्र बनता जा रहा है, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में।

हम तेजी से मोबाइल फोन विनिर्माण के क्षेत्र में पहला पायदान हासिल करने की ओर बढ़ रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत में बनाये जा रहे समाधान और हो रहे नवोन्मेष न केवल लागत के हिसाब से किफायती हैं बल्कि गुणवत्ता में भी सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्होंने इसके लिये भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का उदाहरण दिया।

मोदी ने कहा, ‘‘पिछले साल हमारे वैज्ञानिकों ने एक साथ में 100 से अधिक उपग्रह प्रक्षेपित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। हमने काफी कम लागत में चंद्रयान और मंगलयान भेजा।

भारत 2022 में अंतरिक्ष में गगनयान भेजने की तैयारी कर रहा है। गगनयान हर मायने में भारतीय होगा और इसमें जाने वाला एक यात्री भी भारतीय होगा।’’

उन्होंने कहा कि देश में हो रही गतिविधियों के कारण भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनता जा रहा है। उन्होंने बताया , ‘‘इन गतिविधियों को देखने के बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का कहना है कि आनेवाले दशक में भारत वैश्विक आर्थिक वृद्धि की अगुवाई करेगा।’’

मोदी ने कहा कि जापान और यहां रह रहे भारतीय समुदाय का भारत की आर्थिक वृद्धि में बड़ी भूमिका है। प्रधानमंत्री ने नया भारत बनाने के लिए स्मार्ट संरचना तैयार करने में जापान के योगदान पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘बुलेट ट्रेन से लेकर स्मार्ट शहरों तक जापान नया भारत के लिए तैयार हो रही बुनियादी संरचना में योगदान दे रहा है।’’ भारतीय समुदाय के लोगों को जापान में भारत का दूत बताते हुए उनसे देश में निवेश करने तथा मातृभूमि से सांस्कृतिक संबंध बनाये रखने का आह्वान किया।

उन्होंने मार्शल आर्ट वाले देश जापान में कबड्डी और क्रिकेट प्रचलित करने के लिये भारतीय समुदाय की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘दिवाली के समय अंधेरे को दूर करने वाले दिये की तरह आप लोग जहां भी हैं, भारत की ज्योति को जापान और दुनिया के हर कोने में फैला रहे हैं और देश को गौरवान्वित कर रहे हैं।’’

मोदी ने कार्यक्रम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत को भी याद किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम हर साल सरदार पटेल का जन्म समारोह मनाते हैं, लेकिन इस बार हम पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित करेंगे। गुजरात में, उनके जन्मस्थान में, सरदार साहब की मूर्ति तैयार हो रही है जो विश्व की सबसे लंबी मूर्ति होगी।’’

कहा जा रहा है कि सरदार पटेल की यह मूर्ति अमेरिका के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी ऊंची होगी। इसे गुजरात में नर्मदा नदी के किनारे बनाया जा रहा है।

उन्होंने भारतीय समुदाय को वाराणसी में जनवरी में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस और अर्द्ध कुंभ में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

साभार -पीटीआई भाषा

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