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BY-THE FIRE TEAM


पटना म्यूज़ियम के सामने खड़ा 14 मंज़िला उदयगिरी अपार्टमेंट पटना शहर की सबसे ऊँची इमारतों में से एक है. रविवार की सुबह करीब आठ बजे इस इमारत के मेन गेट के बाईं ओर बने एक कमरे के ऊपर ज़ोरदार आवाज़ आई.

अपार्टमेंट के गार्ड मिथिलेश कुमार ने सीढ़ी लगाकर देखा तो वहां एक लाश पड़ी थी जिसके हाथों में लगी मेंहदी का रंग अभी गहरा ही था.

यह लाश डॉक्टर स्निग्धा की थी जिनकी शादी सोमवार को आईएएस अधिकारी महेंद्र कुमार से होने वाली थी. महेंद्र अभी बिहार के किशनगंज के ज़िलाधिकारी हैं.

स्निग्धा रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी उमाशंकर सुधांशु की छोटी बेटी थीं. स्निग्धा कोलकाता के एक मेडिकल कॉलेज से मास्टर ऑफ़ सर्जरी की पढाई कर रही थीं.

घटना के एक दिन पहले आठ दिसंबर को पटना में ही शादी से जुड़ा तिलक समारोह हुआ था. मगर शादी से ठीक एक दिन पहले की इस घटना से स्निग्धा और महेंद्र दोनों के ही परिवार में खुशियों का माहौल मातमी सन्नाटे में बदल गया.

दोनों परिवार शादी की तैयारियों को रोक शव के अंतिम संस्कार में जुट गए.

14वीं मंज़िल पर एक कुर्सी, उसके ऊपर रखा स्टूल और एक जोड़ी चप्पल मिली हैं
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14वीं मंज़िल पर एक कुर्सी, उसके ऊपर रखा स्टूल और एक जोड़ी चप्पल मिली हैंयह सचमुच हैरत में डालने वाली घटना है कि कैसे एक पेशेवर डॉक्टर खुदखुशी करने के लिए विवश हो जाता है वो भी बहुमंजिली इमारत की छत से कूदकर.

स्निघ्ध द्वारा की गई आत्महत्या न केवल उसके बल्कि माता-पिता के समक्ष भी कई प्रश्न उठाती है जिसकी व्यपक पड़ताल की जानी चाहिए.

 

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