BYSAEED ALAM   

प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट डिजिटल इंडिया अपना काम तेजी से करता दिख रहा है .

दैनिक जीवन में खाने की वस्तुओं से लेकर से लेकर कम कीमत पर डाटा उपलब्धता ने चाहे और कुछ भले न किया हो किंतु लोगों को सोशल साइट पर सबसे अधिक व्यस्त बनाया है .

फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्वीटर, गूगल प्लस, हैंग आउट,लिंकडिन आदि ऐसी सोशल साइट हैं जिन पर लोग छोटी से लेकर बड़ी खबर तक मिनटों में पोस्ट करके तहलका मचा देते हैं .निसंदेह देश दुनिया की खबरों से जुड़ना और एक दूसरे को जोड़ना सकारात्मक पहल है किंतु इन साइटों की आड़ में इनका दुरुपयोग भी खूब बढ़ा है.

मतलब खबरों की जांच पड़ताल किए बिना उसको शेयर कर देना ,आपत्तिजनक पोस्ट व वीडियो को साझा करना, अफवाह फैलाना, पोस्ट  किए गए आर्टिकल पर अश्लील और भद्दे कमेंट करना, अपशब्द बोलना लिखना आदि .आज साइटों पर फ्लैश होती खबरों में एक बड़ा अनुपात झूठी वह निराधार सूचनाओं का होता है.

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इन सब समस्याओं से सरकार और प्रशासन के लोग एक लंबे समय से जूझते आ रहे हैं .यही वजह है कि प्रशासन ने अब इन पर नकेल डालने का प्रबंध कर लिया. इसके निराकरण हेतु पुलिस ने एक तकनीकी विकसित कर ली है जिसका नाम है आसमां (एडवांस एप्लीकेशन सोशल मीडिया एनालिटिक्स).

पुलिस इस सॉफ्टवेयर के द्वारा अफवाह फैला कर या गलत सूचनाएं पोस्ट करके माहौल खराब करने वाले अराजक तत्वों पर नजर रख सकेगी तथा आपत्तिजनक पोस्ट को खुद हटाने के साथ ही पोस्ट डालने वाले व्यक्ति की पहचान भी कर सकेगी तथा उसको ब्लॉक भी करने का विकल्प रखेगी. कहने को तो सोशल साइट लोगों को जोड़ने का एक ब्रिज है किंतु आँकड़े बताते हैं कि इनके कारण संबंधों की मधुरता में कमी आई है.

आज लोग शादी ,पार्टी अथवा कोई अवसर का आयोजन किए जाने पर इकट्ठा तो होते हैं किंतु  वे एक दूसरे से जुड़ नहीं पाते क्योंकि वे स्वयं अपने मोबाइल पर आने वाले नोटिफिकेशन को ही देखने और पढ़ने में मशगूल रहते हैं. वह कभी अपने अपने परिवारों, दोस्तों, रिश्तेदारों को बहुत सारी शुभकामनाओं से भरे संदेश भेजते हैं तो कभी मार्मिक और संवेदनशील वीडियो एक दूसरे को पोस्ट करके सामाजिक माहौल के शांति रूपी ताने-बाने को खराब करने का प्रयास करते हैं .

आखिर यह कौन सा जुड़ाव है कि लोग अपने स्तर से गिरते जा रहे हैं ? अपने ही लोगों के प्रति नफरत के बीज बो रहे हैं, यह जानते हुए कि कहीं कोई जाने वाला नहीं है. आज जिस तरीके से सरकार और प्रशासन ने इस चुनौती से लड़ने के लिए खाका तैयार किया है वह काबिले तारीफ है तथा देश की एकता अखंडता के लिए रामबाण .

स्वतंत्र लेखक एवं विचारक

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