photo/pti

BYTHE FIRE TEAM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के नेतृत्व और 2022 तक भारत को एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से मुक्त कराने के संकल्प के लिए संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पांच अन्य व्यक्तियों और संगठनों को भी दिया गया है।

दुनिया के छह सबसे उत्कृष्ट पर्यावरण परिवर्तकों को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान ‘‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड’’ से सम्मानित किया गया।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के मुताबिक, ‘‘इस साल के पुरस्कार विजेताओं को आज के समय के कुछ बेहद अत्यावश्यक पर्यावरणीय मुद्दों से निपटने के लिये साहसी, नवोन्मेष और अथक प्रयास करने के लिये सम्मानित किया जा रहा है।’’

नीतिगत नेतृत्व की श्रेणी में फ्रेंच राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों और मोदी को संयुक्त रूप से इस सम्मान के लिये चुना गया है।

इस साल कोचिन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को भी सतत ऊर्जा के इस्तेमाल में उसके नेतृत्व में उद्यमी विजन के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

यूएनईपी ने कहा, ‘‘कोचिन दुनिया को यह दिखा रहा है कि हमारी बढ़ती वैश्विक गतिविधि का नेटवर्क पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता है। चूंकि समाज की गति में वृद्धि जारी है तो दुनिया का पहला पूर्ण सौर ऊर्जा संचालित हवाईअड्डा इस बात का सकारात्मक सबूत है कि हरित कारोबार अच्छा कारोबार है।’’

ये पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र के इतर न्यूयॉर्क में चैम्पियंस ऑफ द अर्थ गाला के दौरान दिए जाएंगे। अभिनेता और पर्यावरण कार्यकर्ता एलेक बाल्डविन तथा मॉडल, अभिनेत्री, प्रोड्यूसर और संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण सद्भावना दूत दिया मिर्जा इस कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे।

चैम्पियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार है जो सरकारी, निजी क्षेत्र और सिविल सोसायटी के उन लोगों को दिया जाता है जिनके कार्यों ने पर्यावरण पर सकारात्मक असर डाला है।

 

(पीटीआई-भाषा)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here