हिंसा की निंदा करने से पहले, आइए हिंसा को समझते हैं…

किसी समुदाय को सालों तक स्कूल, ऑफिस और मोहल्ले से लेकर टीवी बहसों तक लगातार अपमानित और प्रताड़ित करना हिंसा है. उनके खानपान, पोशाक और भाषा से लेकर धर्म उनके धर्म, पवित्र धर्मग्रंथ और नबियों पर भद्दी टिप्पणियां करना हिंसा है. देश के प्रति उनकी निष्ठा पर शक करना हिंसा है. फर्ज़ी धर्म संसदों में … Read more

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